Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full !!exclusive!!

पलिताना (शत्रुंजय महातीर्थ)

"श्री शत्रुंजय आदिजिन आविया, पूर्व नवाणु वारजी,अनंत लाभ इहाँ जिनवर जाणी, समोसर्या निर्धारजी।" palitana 5 chaityavandan in hindi full

(यदि आप चाहें तो मैं इसे और विस्तृत, पारंपरिक श्लोक-रचना या किसी विशिष्ट चैत्य के ऐतिहासिक/धार्मिक संदर्भ सहित विस्तृत लेख भी बना दूँ।) पूर्व नवाणु वारजी

शांतिनाथ भगवान के जिनालय दूसरी में कृतज्ञ बनो

पलिताना (शत्रुंजय) जैन धर्म का सबसे बड़ा और पवित्र तीर्थस्थल है। यह कहानी है एक ऐसे श्रद्धालु की, जिसने पलिताना की विशाल यात्रा के दौरान 'पांच चैत्यवंदन' का महत्व समझा।

मुनि ने कहा- "बेटा, पाँच चैत्यवंदन ही आसान उपाय है। हर 100 सीढ़ी पर एक वंदन सोचो। पहली में अहंकार छोड़ो, दूसरी में कृतज्ञ बनो, तीसरी में सबको समान देखो, चौथी में दूसरों के लिए प्रार्थना करो, और पाँचवीं में अपने को भगवान में विलीन कर दो।"

स्तुति की मुख्य पंक्तियाँ: